इस्लामिया टी.टी. बी.एड. कॉलेज में सार्थक विमर्श.
शिक्षा अधिकार अधिनियम पर सेमिनार, नैतिक मूल्यों से ही शिक्षा पूर्ण
फुलवारी शरीफ. इस्लामिया टी.टी. बी.एड. कॉलेज में 3 नवम्बर 2025 को “शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009ः मुद्दे एवं चुनौतियाँ” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया. सेमिनार का उद्देश्य भविष्य के शिक्षक प्रशिक्षुओं को शिक्षा के अधिकार की संवैधानिक व्यवस्था से परिचित कराना और शिक्षा में नैतिक मूल्यों की अनिवार्यता पर जोर देना था.

कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य आर.के. अरुण के स्वागत संबोधन से हुआ. उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण एवं सामाजिक दायित्वबोध भी है. मुख्य वक्ता इस्लामिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष डॉ. हाजी खुर्शीद हसन ने कहा कि नैतिकता विहीन शिक्षा अधूरी है और मूल्य आधारित शिक्षा ही समाज को सही दिशा देती है.
सेमिनार संयोजक डॉ. रजीव और डॉ. शीबा कमर ने संयुक्त रूप से कहा कि शिक्षक अपने आचरण से ही छात्रों के लिए प्रेरणा बनते हैं और मूल्य शिक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम वही हैं.
कार्यक्रम में शिक्षकगण नागेंद्र सिंह, डॉ. बेबी रानी, वरुण कुमार, डॉ. शाइस्ता ऩिगारीना, रेणुका रानी, सीमी माला सहित समस्त संकाय सदस्य उपस्थित रहे. सेमिनार में अमृता, रूबी नाज़, सैमा, खुशबू, शालिनी, उत्तम, गुरु दयाल, साजिया, अभिषेक और धर्मेंद्र ने विषय से संबंधित शोधपत्र प्रस्तुत किए, जिनके लिए उन्हें प्राचार्य द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए.
अंत में सभी प्रतिभागियों ने जीवन में नैतिक मूल्यों को अपनाने और समाज में नैतिक वातावरण निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया. कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों व छात्र-शिक्षक प्रशिक्षुओं ने कॉलेज प्रबंधन को धन्यवाद दिया.



