फुलवारी शरीफ. अजीत । राजधानी पटना के संपतचक प्रखंड के सोहगी गांव में एक दिल दहला देने वाली और शर्मनाक घटना सामने आई है. मामूली विवाद ने ऐसा विकराल रूप धारण कर लिया कि पड़ोसी ने साढ़े चार वर्षीय मासूम बच्चे पर अमानवीय हमला कर उसका लिंग काट डाला. इस घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई है और लोगों के बीच आक्रोश का माहौल है. बताया जाता है कि आरोपी गुड्डू नशे का आदी और उग्र स्वभाव का है. इस घटना को अंजाम देने में गुड्डू के साथ उसकी पत्नी का भी हाथ बताया जा रहा है.
जानकारी के अनुसार पीड़ित बच्चा सिद्धार्थ, कुंदन कुमार का पुत्र है. घटना 13 अगस्त की बताई जाती है.बच्चा मूल रूप से धनरूआ प्रखंड के तेलहाड़ी गांव का रहने वाला है.मासूम फरवरी महीने में अपनी नानी के घर सोहगी आया था और पांच महीने से वहीं रह रहा था. पिता कुंदन मजदूरी करते हैं और घटना के वक्त घर पर मौजूद नहीं थे. मां घरेलू काम में व्यस्त थीं.13 अगस्त की दोपहर स्कूल से लौटने के बाद वह दरवाजे के पास खेल रहा था. तभी पड़ोसी गुड्डू नाम का युवक आया और खेलने के बहाने बच्चे को अपने साथ ले गया. अचानक जब बच्चा गायब हुआ तो खोजबीन शुरू हुई, लेकिन थोड़ी देर बाद वह खुद खून से भीगा हुआ घर लौट आया. घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया.बच्चे ने घर लौटकर बताया कि आरोपी ने पहले उसकी गर्दन पर चाकू रखा और फिर नीचे का हिस्सा काट डाला.मासूम ने पूरी बात बताई तो घरवालों के होश उड़ गए. मासूम की चीख सुनकर परिवार और आस-पड़ोस के लोग दौड़े और आनन-फानन में उसे नजदीकी अस्पताल ले गए. हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया. डॉक्टरों के मुताबिक मासूम की स्थिति बेहद नाज़ुक बनी हुई है और बचाव की संभावना को लेकर परिवारजन लगातार चिंतित हैं.
पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई कि विवाद की जड़ “छत पर झांकने” की बात से जुड़ी थी. इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले से ही तनातनी थी. मामूली सी बात पर शुरू हुआ झगड़ा धीरे-धीरे गहरी दुश्मनी में बदल गया और उसी रंजिश का अंजाम इस हैवानियत भरी घटना के रूप में सामने आया।

घटना के बाद पीड़ित परिवार ने गौरीचक थाने में गुड्डू पासवान, सुभाष पासवान सहित आधा दर्जन लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है. थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी चल रही है. घटना को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी फरार बताए जाते हैं.
इस घटना से पूरा गांव गुस्से में है. ग्रामीणों का कहना है कि मासूम के साथ हुई यह अमानवीय वारदात समाज के लिए कलंक है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. लोग कहते हैं कि जब तक अपराधियों को कठोर दंड नहीं मिलेगा, तब तक इस तरह की घटनाओं पर रोक लगना मुश्किल है.



