आत्महत्या रोकथाम पर मिला नया दृष्टिकोण
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर शिक्षकों–प्रशिक्षुओं की खुली बातचीत
इस्लामिया टी.टी. बी.एड कॉलेज में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
जागरूकता ही आत्महत्या के लिए रोकथाम
फुलवारी शरीफ.अजीत. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर इस्लामिया टी.टी. बी.एड कॉलेज, फुलवारी शरीफ पटना में बुधवार को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. यह कार्यक्रम आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के सहयोग से संपन्न हुआ.
इस्लामिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अध्यक्ष हाजी खुर्शीद हसन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में मानसिक तनाव, अकेलापन और अवसाद बड़ी चुनौतियाँ बन चुकी हैं. ऐसे माहौल में स्कूल-कॉलेज ही सबसे उपयुक्त जगह हैं, जहाँ बच्चों और युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताया जा सकता है. उन्होंने कहा – “हमारे समाज में मानसिक स्वास्थ्य को अब भी नज़रअंदाज़ किया जाता है. लोग शारीरिक बीमारी के लिए डॉक्टर तक जाते हैं लेकिन मानसिक परेशानियों पर चुप रहते हैं. यह चुप्पी ही सबसे खतरनाक है, क्योंकि यही आत्महत्या जैसे कदम की ओर ले जाती है.”
हाजी खुर्शीद हसन ने ज़ोर देकर कहा कि आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि उससे और गंभीर संकट उत्पन्न होते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस्लामिया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ओर से ऐसे कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से कराए जाएंगे ताकि शिक्षकों और विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर संवाद करने का अवसर मिल सके. “हमें ऐसी वातावरण बनाना होगा जहाँ बच्चा, शिक्षक या कोई भी व्यक्ति बिना झिझक अपनी परेशानी साझा कर सके. जागरूकता और संवेदनशीलता ही आत्महत्या रोकथाम का सबसे मजबूत हथियार है.”

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य आर. के. अरुण ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. इसके बाद राज्य समन्वयक सुनील कुमार एवं मनोवैज्ञानिक छेदी कुमार चौधरी ने प्रशिक्षु शिक्षकों के बीच मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर विस्तृत चर्चा की. सत्र 2025-27 के प्रशिक्षुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए न सिर्फ अपनी जिज्ञासाएँ सामने रखीं बल्कि आत्महत्या रोकथाम से जुड़े कई सवाल भी पूछे जिनका समाधान विशेषज्ञों ने किया.
इस अवसर पर शिक्षकगण डॉ. राजीव कुमार, डॉ. राम कुमार भारती, वरुण कुमार, संजीव कुमार, रेणुका रानी, सीमी माला, डॉ. बेबी रानी, डॉली शरण, डॉ. अनुभा सिन्हा एवं शीला सुमन मौजूद रहे. सभी शिक्षकों ने छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझाया और जीवन की चुनौतियों का सामना सकारात्मक सोच से करने की प्रेरणा दी.



