आगच्छ वर दे देवी …. मां काली के पट खुलते हैं दर्शन के लिए उभरी भीड़
दानापुर। खगौल।शंकर प्रिये के मंत्रोच्चार के साथ शुक्रवार को नगर में अलग अलग स्थानों पर विभिन्न पूजा समिति द्वारा बेल वृक्ष के निकट माता का अधिवास उदबोधन किया गया. शारदीय नवरात्र के महापष्ठी को विल्वाभिमंत्रण , देवी बोधन व अधिवास अनुष्ठान किया गया.

नगर के प्रमुख पूजा समितियों की ओर से गाजे-बाजे , ढोल-नगारे व झाल-मंजीर के साथ मनोहरी शोभा यात्रा निकाली गयी. बस पड़ाव स्थित पशु अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में बेलवृक्ष के नीचे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आचार्य देवेंद्र नाथ मिश्र व आचार्य गाोपाल कुमार मिश्र की आचार्यत्व में अनुष्ठान संपन्न हुई. इससे पूर्व शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के महापष्ठी को मां भगवती के विविध नौ रूपों में माता कत्यायनी स्वरूप में पूरे विधि -विधान के वेद मंत्रों सहित उपासकों ने पूजा-अर्चना की.

वही संध्या वेला में नगर के पेठिया बाजार श्रीश्री बड़ी देवी जी सेवा समिति की ओर से 21 थाल व मछुओ टोली स्थित श्री 108 काली पूजा समिति के 151 थाल, सदर बाजार शिव मंदिर के 11 थाल, महावीर मंदिर समेत अन्य पूजा समितियों द्वारा विल्वाभिमंत्रण , देवी बोधन व अधिवास के लिए थालों में सुसज्जित पंचमेवा, मिष्ठान, फल व फूल -पान के साथ मनोहरी शोभा यात्रा निकाल कर नगर के प्रमुख मार्गो से भ्रमण करते हुए बस पड़ाव में धार्मिक अनुष्ठान के लिए पहुंची. जिससे पूरा नगर माता की जयकारा से गुंजयमान हो उठा.

इस मौके पर सैकड़ो महिला व पुरूष उपस्थित हो भक्ति में झूमते रहे. जहां वेलबृक्ष के समक्ष आचार्य वायुनंदन झा, आचार्य अभय झा, आचार्य गोपाल कुमार मिश्र, पं मृत्युंजय पाण्डेय, आचार्य विकास झा , महंत बबन दास, विशाल कुमार मिश्र, संजय कुमार पांडेय आदि पुराहितों के सानिध्य में अनुष्ठान संपन्न हुई. आचार्य गोपाल कुमार मिश्रा ने बताया कि महासप्तमी को शनिवार अहले सुबह पत्रिका प्रवेश , वेदी पूजा, मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा पूजन , बलिदान भोग और आरती के साथ पुष्पांजलि अर्पित किया जायेगा. उसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पट खोल दिया जायेगा।

इधर खगौल के मोती चौक स्थित मां काली के पंडाल के मां का पट खुलते हि श्रद्धालुओ की भीड़ उमर परी। माना जाता है कि मोती चौक स्थित मां काली के दर्शन मात्र से ही मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है।



